विभाग के बारे में

उत्तर प्रदेश राज्य में प्राविधिक शिक्षा के नियोजित, कालानुक्रमिक और समन्वित विकास के लिए प्राविधिक शिक्षा विभाग की स्थापना वर्ष 1961 में की गई थी। विभाग को दो क्षेत्रों में विभाजित किया गया है नामतः डिग्री व डिप्लोमा जिसके द्वारा स्नातक / स्नातकोत्तर एवं डिप्लोमा स्तर पर मानक प्राविधिक शिक्षा प्रदान करी जाती है। डिप्लोमा स्तर पर प्रभावी नियंत्रण और प्रबंधन हेतु विभाग को चार क्षेत्रों में विभाजित किया गया है नामतः पूर्वी क्षेत्र, पश्चिम क्षेत्र, मध्य क्षेत्र एवं बुंदेलखंड क्षेत्र जिनके मुख्यालय वाराणसी, मेरठ, लखनऊ एवं झाँसी में क्रमानुसार स्थित हैं।

उत्तर प्रदेश में वर्तमान में प्राविधिक शिक्षा विभाग के नियंत्रणाधीन 14 स्नातक / स्नातकोत्तर स्तरीय संस्थायें तथा 565 डिप्लोमा स्तरीय संस्थाएं संचालित हैं। इनके अतिरिक्त 38 डिप्लोमा स्तरीय राजकीय संस्थायें अवस्थापना की स्थिति में हैं।

वर्तमान युग विज्ञान एवं प्रोद्योगिकी का उत्कर्षकाल हैं | नित्य नई प्राविधियों विकसित हो रही हैं तथा जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में स्पर्धा सें श्रेष्ठता व गुणवत्ता के नवीन आयाम जन्म ले रहे हैं। विकास के ऐसे क्रांतिक परिदृष्य में प्राविधिक शिक्षा के स्वरूप् व स्तर की प्रासंगिकता का विशेष महत्व है। प्राविधिक शिक्षा विभाग द्वारा सम्बंधित विकास के लक्ष्यपरक संकल्प व प्रदेश की प्राविधिक शिक्षा प्रणाली की क्षमता में सुधार, प्रसार तथा गुणवत्ता में उत्तरोतर सुधार की प्रतिबद्धता के साथ उच्च स्तर के तकनीशियन विकसित किए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
प्राथमिकताओं को दृष्टिगत रखते हुए उपलब्ध संसाधनों के अधिकतम उपयोग तथा उभरती हुई प्रौद्योगिकी के विभिन्न आयामों एवं उद्योग के विभिन्न आवष्यकताओं के अनुरूप प्रवेशित जनशक्ति तैयार किये जाने के साथ ही महिला सशक्तिकरण, जेण्डर गैप को पूर्ण करने, अनुसूचित जाति/जनजाति के सामाजिक एवं आर्थिक विकास, दिव्यांगजनों के कल्याण एवं एम0एस0डी0पी0 के अन्तर्गत अल्पसंख्यक के कल्याणार्थ योजनाओं का समावेश किया गया है।