भूमिका एवं जिम्मेदारियां

पालीटेक्निकों में प्रवेश प्रक्रिया-

    • प्राविधिक शिक्षा विभाग के नियंत्रणाधीन प्रदेश के समस्त राजकीय एवं अनुदानित पालीटेक्निकों मे संयुक्त प्रवेश परीक्षा के माध्यम से प्रवेश प्रक्रिया सम्पन्न की जाती है। प्रवेश हेतु आन-लाईन आवेदन करने की व्यवस्था लागू है। संयुक्त प्रवेश परीक्षा के माध्यम से स्पाट काउंसिलिंग की भी व्यवस्था की गयी है।
    • एजूकेशनल प्लानिंग के दृष्टिकोण से प्रशिक्षित जनशक्ति की मांग एवं आपूर्ति में सामंजस्य बनाये रखे जाने के उद्देश्य सेक्षेत्र विशेष में राजकीय पालीटेक्निकों की स्थापना की जाती है। नवीनी पालीटेक्निकों की स्थापना में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की मांग एवं संस्तुतियों को ध्यान में रखते हुए तथा आवश्यक इन्फ्रास्ट्रक्चर की आपूर्ति करते हुए अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, नई दिल्ली ए०आई०सी०टी०ई० से संस्था एवं पाठ्यक्रमों के संचालन हेतु अनुमोदन प्रदान किया जाता है।

परीक्षा एवं परिणाम-

प्राविधिक शिक्षा परिषद, उत्तर प्रदेश द्वारा पालीटेक्निकों में संचालित समस्त इंजीनियरिंग एवं नान इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों की परीक्षायें संचालित कराई जाती हैं एवं परीक्षाओं के सुचारू संचालन हेतु तथा नकल को रोके जाने हेतु परिषद द्वारा उड़नदस्ताे का गठन एवं परीक्षा का चयन किया जाता है तथा परीक्षा परिणाम को यथा समय प्रकाशित किये जाने का प्रभावी प्रयास किया जाता है। चालू शैक्षिक सत्र से समस्त पालीटेक्निकों मे सेमेस्टर प्रणाली लागू कर दी गयी है। प्रत्येक शैक्षिक सत्र को सेमेस्टर में विभाजित किया गया है।

संस्थाओं में एंटी रैगिंग ग्रुप का गठन-

शिक्षण-प्रशिक्षण की प्रक्रिया में वरिष्ठ छात्रों द्वारा कनिष्ठ छात्रों की रैगिंग एक अभिशाप के रूप में परिलक्षित होती है। अतैव शासन के मन्तव्यानुसार प्रदेश की समस्त राजकीय एवं अनुदानित पालीटेक्निकों में रैंगिंग को रोके जाने के लिए संस्थाओं में एंटी रैगिग ग्रुप का गठन किया गया है तथा इसके लिए कठोर कदम उठाये जाने के भी निर्देश दिये गये है।

पठन-पाठन में नवीन प्राविधियों का समावेश

विकास के क्रांतिक परिदृष्य में पठन-पाठन की आधुनिकतम प्राविधियां विकसित हो रही हैं तथा वेब -पोर्टल के माध्यम से पठन-पाठन कराये जाने हेतु प्रदेश की पालीटेक्निकों में वर्चुअल क्लास रूम्स योजना संचालित की जा रही है। यह योजना वर्तमान में प्रदेश की विभिन्न पालीटेक्निकों में संचालित की जा रही है तथा वित्तीय वर्ष 2017-18  से 19  अन्य पालीटक्निकों में इस योजना को संचालित किये जाने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना को समस्त पालटेक्निकों में लागू किये जाने एवं प्रदेश की सभी राजकीय पालीटेक्निकों में वाई-फाई सुविधा उपलब्ध कराये जाने की भी प्राथमिकता है।

पाठ्यक्रमोंं की पाठ्यचर्या में परिमार्जन/परिवर्धन-

वर्तमान में उभरती हुई प्रौद्योगिकी के दृष्टिगत औद्योगिक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित जनशक्ति तैयार किये जाने की प्राथमिकता को दृष्टिगत रखते हुये शोध, विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान, कानुपर (जोकि प्राविधिक शिक्षा विभाग का ही एक अभिन्न अंग है ) द्वारा विषय-विशेषज्ञों की सहायता से पाठ्यक्रमों के अनुपयोगी/निरर्थक अंशों को हटाकर उनके स्थान पर आधुनिक सिद्धान्तों / प्रयोगों का समावेश किया जा रहा है।

शिक्षण-प्रशिक्षण

शिक्षकों के ज्ञान स्तर को प्रौद्योगिक प्रगति के अनुरूप अध्यतन करना विभाग की प्राथमिकतों में से एक है। इस हेतु शोध, विकास एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा प्रदेश के विभिन्न पालीटेक्निकों में कार्यरत शैक्षिक स्टाफ को समय-समय पर उद्योगों के एक्सपर्ट एवं आई०आई०टी० के विषय-विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिलाये जाने की व्यवस्था की जाती है। इसके अतिरिक्त शिक्षकों को एन०आई०टी०टी०टी०आर० चण्डीगढ भी प्रशिक्षण हेतु भेजा जाता है।

रोजगार

रोजगारों के अवसरों को सुनिश्चित करने हेतु प्रत्येक संस्था में संस्था-उद्योगों -अन्तः सम्बन्ध की अभिवृद्धि किये जाने हेतु एक इंडस्ट्री--इंस्टीट्यूट इंटरेक्शन-सेल का गठन किया गया है, जिसके अन्तर्गत छात्रों के उद्योग भ्रमण की व्यवस्था की जाती है। तथा विभिन्न उद्योगों में छात्रों को समर ट्रेनिंग प्रदान किये जाने की भी प्राथमिकता रखी गयी है।

इंजीनियरिंग सेक्शन में प्रवेश प्रक्रिया जानने हेतु एवं अन्य संबंधित जानकारी प्राप्त करने हेतु कृपया www.aktu.ac.in वेबसाइट देखें।