सचिव का संदेश

श्री भुवनेश कुमार
  • श्री भुवनेश कुमार
  • सचिव
  • प्राविधिक शिक्षा विभाग

भारतीय राष्ट्र के निर्माण एवं अन्तर्राष्ट्रीय जगत में उसकी ख्याति को विकसित करने में देश की प्राविधिक शिक्षा सम्पदा का विशेष योगदान रहा है। आम जनमानस एवं विशेष रूप से युवा वर्ग में विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा के प्रति बढ़ते रूझान के कारण प्राविधिक शिक्षा के क्षेत्र में बहुआयामी विस्तार हुआ है। इस विस्तार के फलस्वरूप जहाँ एक ओर अभियांत्रिकी प्रबन्धन हेतु कुशल मानव शरीर सृजित हुयी एवं युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध होने के साथ-साथ अर्थिक विकास भी हुआ, वहीं दूसरी ओर निजी क्षेत्र में अत्यधिक अभियांत्रिकी संस्थाओं की उपलब्धता के कारण गुणवत्ता में निश्चित रूप से हास हुआ है। वर्तमान परिदृश्य में इस क्षेत्र का समावेशी विकास एक बड़ी चुनौती है।

प्रदेश सरकार ने प्राविधिक शिक्षा में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने एवं शिक्षा पूर्ण करने वाले छात्र-छात्राओं को उच्च स्तर के रोजगार में नियोजित कराने को अपना मुख्य ध्येय बनाया है। इसी के दृष्टिगत विभिन्न कार्यक्रमों एवं योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। डा. अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय को इसकी स्थापना के 17 वर्षो बाद इस वर्ष नये कैम्पस में स्थानान्तरित करते हुए संचालित किया गया है। मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, गोरखपुर एवं हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय, कानपुर को देश एवं विदेश के ख्याति प्राप्त संस्थाओं की तर्ज पर विकसित करने के प्रयास जारी हैं। राजकीय इंजीनियरिंग कालेजों की संख्या में भी वृद्धि हुई है तथा विश्वस्तरीय अवस्थापना सुविधाओं के साथ नये कॉलेजों को तैयार किया गया है। इस बात पर बल दिया जा रहा है कि नियमि फैकल्टी का चयन सुनिश्चित कर लिया जाये ताकि शिक्षा का स्तर बेहतर हो सके। भारत सरकार की योजनाओं, राज्य सरकार के बजट एवं विश्वविद्यालय के आर्थिक सहयोग से गुणवत्ता सुधार पर विशेष फोकस है।

डिप्लोमा स्तरीय राजकीय पालीटेक्निक संस्थाओं में नये भवनों तथा छात्रावासों के निर्माण पूरे कर अवस्थापना सुविधाओं की कमी को दूर किया गया है। आधुनिक तकनीक का प्रयोग करते हुए प्रशिक्षकों की कमी की चुनौती से निपटने हेतु 'वर्चुअल क्लास' कक्षों की स्थापना की गयी है तथा आगामी वर्ष में इनकी संख्या में वृद्धि करने का लक्ष्य है। इन संस्थानों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं के प्रवेश हेतु परीक्षा, सेमेस्टर परीक्षाओं में तैयार किये गये परिणाम, अंक पत्र एवं डिप्लोमा आदि सुविधाओं को सुलभ करने हेतु इस वर्ष ऑनलाइन उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। परीक्षा पद्धति एवं इसके मूल्यांकन की प्रक्रिया में भी प्रौद्योगिकी के प्रयोग पर विचार किया जा रहा है।

उच्चतर तकनीकी शिक्षा हेतु सेन्टर फार एडवॉस स्टडीज एवं इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन जैसे संस्थाओं को प्रथम बार इस वर्ष प्रारम्भ किया जा रहा है। विश्वविद्यालयों द्वारा ख्याति प्राप्त अन्तर्राष्ट्रीय संस्थाओं के साथ समझौतों के माध्यम से संस्थान के छात्र-छात्राओं हेतु शिक्षण के नये अवसर उपलब्ध कराये जाने की व्यवस्था की गयी है। रिसर्च को बढ़ावा देने हेतु रिसर्च प्रोमोशन स्कीम लागू की गयी है, जिसमें आर्थिक सहायता दिये जाने का प्राविधान है। विभाग के अन्तर्गत समस्त भवनों में ऊर्जा की खपत को कम करने हेतु एनर्जी एफीसियेंसी सर्विसेज लि. से अनुबन्ध किया गया है।

मुझे पूर्ण उम्मीद है कि मा. मुख्यमंत्री जी के ऊर्जावान नेतृत्व एवं मा. प्राविधिक शिक्षा मंत्री जी के कुशल मार्गदर्शन में प्राविधिक शिक्षा विभाग नये मील के पत्थर स्थापित करने में सफल होगा।