पाठ्यचर्या पुनरीक्षण

प्रौद्योगिकी और उद्योगों में हो रहे त्वरित बदलाव तथा नई-नई प्राविधियों को ध्यान में रखा जाता है। इसके आधार पर विषय अध्यापकों, उच्च तकनीकी शिक्षण संस्थाओं के अनुभवी विद्वानों तथा मुख्य उद्योगों के विषय विशेषज्ञों के सुझावों के अनुसार विशेष परिस्थितियों को छोड़कर न्यूनतम तीन से पांच साल के अन्तराल पर उद्योगों की मांग के अनुसार छात्रों को रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने की दृष्टि से संचालित पाठ्यक्रमों को पुनरीक्षित किया जाता है। संस्थान द्वारा पुनरीक्षित की गई पाठ्यचर्या को प्राविधिक शिक्षा परिषद, उप्र, लखनऊ द्वारा अनुमोदित कर पॉलीटेक्निक संस्थाओं में लागू किया जाता है।
पॉलीटेक्निक संस्थाओं में संचालित समस्त पाठयक्रमों में वार्षिक पद्धति लागू थी जिसको वर्ष 2014-15 में सेमेस्टर प्रणाली में परिवर्तित कर वर्ष 2016-17 से पूर्णरूप लागू कर दिया गया।