एनएसएस एवं एनसीसी

छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व के विकास के लिए तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से राजकीय एवं अनुदानित पॉलीटेक्निक संस्थाओं में से अधिकांश में एनसीसी कार्यक्रम संचालित है। एनसीसी लेने वाले छात्र-छात्राओं हेतु विभिन्न सर्टिफिकेट परीक्षायें संचालित करी जाती हैं जिसमें से सफल छात्रों को सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है। इसी प्रकार प्रदेश के पॉलीटेक्निक संस्थानों में एनएसएस कार्यक्रम भी संचालित होता है। एनएसएस से जुडे छात्र-छात्राएं ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर जागरूकता कैम्प का आयोजन करते हैं। वह ग्रामीणों को स्वास्थ्य के प्रति, पीने के पानी के प्रति, स्वच्छता के प्रति, खुले में शौच के प्रति तथा अन्य सरकार की योजनाओं की जानकारी देते हैं। इतना ही नहीं, आवश्यकतानुसार ग्रामीणों की सहायता करके उन्हे सरकार की योजनाओं से लाभ उठाने के लिए कार्य पूरा कराने में भी सहायता करते हैं। एनएसएस के माध्यम से छात्र-छात्राओं का समाज से गहरा जुड़ाव पैदा होता है। समाज से जुड़ने के कारण ऊँच-नीच, भेदभाव भूलकर ग्रामीण क्षेत्रों में बसे ग्रामीणों का सहयोग करने से छात्र-छात्राओं के व्यक्तित्व में निखार आता है तथा उनमें समाज सेवा की भावना जागृत होती है।