दृष्टिकोण

  • राज्य के सामाजिक, आर्थिक विकास हासिल करने एवं लोगों विशेष रूप से गरीब, अनुसूचित जाति/जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, महिलाओं एवं विकलांगजनों के जीवन स्तर में उन्नयन हेतु पालीटेक्निक संस्थाओं में उत्कृष्ट अवसंरचना के माध्यम से तकनीकी जनशक्ति का तैयार किया जाना।
  • औपचारिक एवं अनऔपचारिक शिक्षा/तरीकों से पर्याप्त संख्या में कुशल इंजीनियरों, तकनीशियनों एवं रोजगार योग्य श्रमिकों को सस्ती लागत पर प्रशिक्षण प्रदान करना/तैयार करना।
  • जनसामान्य को सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध कराने हेतु महत्वपूर्ण योगदान देना।